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रात रुको मैया सवेरे चली जाना लिरिक्स || Raat Ruko Maiya Savere Chali Jana Bhajan Lyrics
माता भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 5 जुलाई 2023
भजन का अर्थ
यह भजन भक्त की उस मासूम विनती को दर्शाता है जिसमें वह माँ से रातभर रुकने का आग्रह करता है, क्योंकि अभी उसने माँ को जी भरकर देखा नहीं है।
भक्त कहता है कि वह दौड़कर सुनार की दुकान से पायल मंगवाएगा, भक्तों के घर-घर जाकर भजन सुनाएगा — यानी माँ की सेवा और श्रृंगार के लिए हर संभव प्रयास करेगा, बस माँ एक रात और रुक जाएँ।
यह सरल शब्दों में माँ के प्रति गहरी लगन और विदाई के समय के विरह भाव को व्यक्त करने वाला भजन है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन नवरात्रि के दौरान, विशेषकर मूर्ति विसर्जन या देवी जागरण की समाप्ति के समय गाया जाता है, जब भक्त माँ की विदाई का भाव अनुभव करते हैं।
इसे माता के जागरण और भक्ति कार्यक्रमों में भी गाया जाता है, जहाँ भक्त माँ से अधिक समय अपने बीच रुकने की भावुक प्रार्थना करते हैं।
यह भजन "रात रुको मैया सवेरे चले जाना" (Rat Ruko Maiya) नाम से भी खोजा जाता है।भजन के बोल
रात रुको मैया सवेरे चली जाना,
Rat ruko maiya savere chali jana,
अभी हमने जी भरके देखा नही है...
Abhi hamne ji bharke dekha nahi hai...
दौड़ी दौड़ी जाऊं मैं सुनार की दुकान पे,
Daudi daudi jaun main sunar ki dukan pe,
अभी हमने पायल मंगाई नही है,
Abhi hamne payal mangai nahi hai,
रात रुको मैया सवेरे चली जाना,
Rat ruko maiya savere chali jana,
अभी हमने जी भरके देखा नही है....
Abhi hamne ji bharke dekha nahi hai....
दौड़ी दौड़ी जाऊं मैं मालन की दुकान पे,
Daudi daudi jaun main malan ki dukan pe,
अभी हमने गजरा मंगाया नही है,
Abhi hamne gajra mangaya nahi hai,
रात रुको मैया सवेरे चली जाना,
Rat ruko maiya savere chali jana,
अभी हमने जी भरके देखा नही है....
Abhi hamne ji bharke dekha nahi hai....
दौड़ी दौड़ी जाऊं मैं दर्जी की दुकान पे,
Daudi daudi jaun main darji ki dukan pe,
अभी हमने चुनर मंगाया नही है,
Abhi hamne chunar mangaya nahi hai,
रात रुको मैया सवेरे चली जाना,
Rat ruko maiya savere chali jana,
अभी हमने जी भरके देखा नही है...
Abhi hamne ji bharke dekha nahi hai...
दौड़ी दौड़ी जाऊं मैं हलवाई की दुकान पे,
Daudi daudi jaun main halvai ki dukan pe,
अभी हमने भोग मंगाया नही है,
Abhi hamne bhog mangaya nahi hai,
रात रुको मैया सवेरे चली जाना,
Rat ruko maiya savere chali jana,
अभी हमने जी भरके देखा नही है...
Abhi hamne ji bharke dekha nahi hai...
दौड़ी दौड़ी जाऊं मैया पंडित जी के घर में,
Daudi daudi jaun maiya pandit ji ke ghar men,
अभी हमने वेद सुनाया नही है,
Abhi hamne ved sunaya nahi hai,
रात रुको मैया सवेरे चली जाना,
Rat ruko maiya savere chali jana,
अभी हमने जी भरके देखा नही है....
Abhi hamne ji bharke dekha nahi hai....
दौड़ी दौड़ी जाऊं मैया भक्तों के घर में,
Daudi daudi jaun maiya bhakton ke ghar men,
अभी हमने भजन सुनाया नही है,
Abhi hamne bhajan sunaya nahi hai,
रात रुको मैया सवेरे चली जाना,
Rat ruko maiya savere chali jana,
अभी हमने जी भरके देखा नही है....
Abhi hamne ji bharke dekha nahi hai....
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