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ओढ़ ली रे मेरी माँ ने चुनरिया लग गई माँ को किसकी नजरिया |Mata Rani Bhajan Hindi Lyrics
माता भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 21 मार्च 2026
भजन का अर्थ
यह भजन माँ की चुनरी की सुंदरता का वर्णन करते हुए मालिन, धोबन, रानी और सखियों की नज़र लगने की भावपूर्ण कल्पना करता है, अंत में मिर्ची से नज़र उतारने की परंपरा का उल्लेख है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन नवरात्रि में माता के श्रृंगार और सौंदर्य का गुणगान करने के लिए गाया जाता है।
भजन के बोल
ओढ़ ली रे मेरी माँ ने चुनरिया
लग गई रे माँ को किसकी नजरिया।।
Odh li re meri maa ne chunriya
Lag gai re maa ko kiski najriya
मालनिया आई थी माला बनाने,
लग गई रे मालिन की नजरिया।
Malniya ai thi mala banane,
Lag gai re malin ki najriya
धोबनिया आई थी चुनरी धुलाने,
लग गई रे धोबन की नजरिया।
Dhobniya ai thi chunri dhulane,
Lag gai re dhoban ki najriya
रानी जी आई थी ज्योत जलाने,
लग गई रे रानी की नजरिया।
Rani ji ai thi jyot jalane,
Lag gai re rani ki najriya
सखिया भी आई थीं भेंट सुनाने,
लग गई रे सखियों की नजरिया।
Sakhiya bhi ai thin bhent sunane,
Lag gai re sakhiyon ki najriya
लाओ बलम ज़रा मिर्ची ले आओ,
उतार दी रे मेरी माँ की नजरिया।।
Lao balam zara mirchi le ao,
Utar di re meri maa ki najriya
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