"गीत की धुन को समझने के लिए, वीडियो जरूर देखें।"
Mere Bholenath Aaye Hai | सजा दो घर को गुलशन सा मेरे भोलेनाथ आए हैं
शिव भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 15 अगस्त 2024
भजन का अर्थ
यह भजन भोलेनाथ के घर पधारने पर उसे गुलशन की तरह सजाने और कुटिया को दुल्हन सी सजाने की भावना व्यक्त करता है।
भक्त उनके चरण प्रेम की गंगा से धोकर, पलकें बिछाकर स्वागत करने और बाबा से आग्रह करता है कि वे आकर फिर कभी न जाएँ, यह भक्त की गहरी आत्मीयता को दर्शाता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन सावन सोमवार और शिवरात्रि पर, विशेषकर घर में शिव पूजा या कांवड़ स्वागत के समय गाया जाता है।
भजन के बोल
सजा दो घर को गुलशन सा मेरे भोलेनाथ आए हैं
Saja do ghar ko gulashan sa mere bholenath ae hain
लगी कुटिया भी दुल्हन सी मेरे भोलेनाथ आये है
Lagi kutiya bhi dulhan si mere bholenath aye hai
पखारो इनके चरणों को, बहाकर प्रेम की गंगा,
Pakharo inke charnon ko, bahakar prem ki ganga,
बिछा दो अपनी पलकों को, मेरे भोलेनाथ आये है…
Bichha do apni palkon ko, mere bholenath aye hai…
उमड़ आयी मेरी आँखे, देखकर अपने बाबा को,
Umad ayi meri ankhe, dekhakar apne baba ko,
हुयी रोशन मेरी गलिया, मेरे भोलेनाथ आये है…
Huyi roshan meri galiya, mere bholenath aye hai…
तुम आकर फिर नही जाना, मेरी इस सुनी दुनिया से,
Tum akar phir nahi jana, meri is suni duniya se,
कहू हरदम यही सबसे, मेरे भोलेनाथ आये है…
Kahu hardam yahi sabse, mere bholenath aye hai…
लगी कुटिया भी दुल्हन सी, मेरे भोलेनाथ आये है,
Lagi kutiya bhi dulhan si, mere bholenath aye hai,
सजा दो घर को गुलशन सा, मेरे भोलेनाथ आये है…
Saja do ghar ko gulashan sa, mere bholenath aye hai…
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए





