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मेरे संग ब्याह रचा ले मेरे भोले Lyrics | Shiv Vivah Bhajan | Shiv Parvati Vivah Song
शिव भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 14 अगस्त 2026
भजन का अर्थ
यह भजन भगवान शिव और माता गौरा (पार्वती) को समर्पित है। इसमें गौरा माता महादेव से विवाह की इच्छा व्यक्त करते हुए सातों वचन निभाने और उनकी अर्धांगिनी बनने का भाव प्रकट करती हैं।
भजन में गौरा माता शिव को अपना पति मानकर उनकी सेवा और साथ निभाने का संकल्प लेती हैं।
वे कहती हैं कि प्यास लगने पर उनके लिए जल लाएंगी और भूख लगने पर उनकी सेवा करेंगी।
महादेव के ध्यान में लीन होने पर नंदी की रखवाली करने और उनके डमरू बजाने पर नाचने का भाव है।
अंत में वे विवाह की सभी रस्में निभाने और महादेव का ध्यान रखने का वचन देती हैं।
पूरा भजन प्रेम, समर्पण, सेवा और शिव-गौरा के पवित्र दांपत्य भाव को दर्शाता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन शिव-पार्वती विवाह के प्रसंगों और भगवान शिव की भक्ति में गाया जा सकता है।
महाशिवरात्रि, शिव-विवाह से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों और भक्ति आयोजनों में ऐसे गीत विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।
इसे श्रद्धालु शिव और माता पार्वती के प्रति प्रेम, समर्पण और दांपत्य सुख की मंगलकामना के भाव से भी गाते हैं।
इससे जुड़ी मान्यता
पौराणिक परंपरा में माता पार्वती को भगवान शिव की अर्धांगिनी माना जाता है। शिव को पति रूप में पाने के लिए पार्वती की कठोर तपस्या और अंततः शिव-पार्वती विवाह की कथा हिंदू धर्म में भक्ति और अटूट संकल्प का प्रमुख उदाहरण है।
भजन के बोल
उमापति महादेव की जय हो,
मेरे संग ब्याह रचा ले मेरे भोले।
सातों वचन निभाऊंगी,
मेरे भोले भंडारी॥
Umapti mahadev ki jay ho,
Mere sang byah racha le mere bhole
Saton vachan nibhaungi,
Mere bhole bhandari
तू मेरा शिव है, मैं तेरी गौरा,
अर्धांगिनी बन जाऊंगी,
मेरे भोले भंडारी॥
Tu mera shiv hai, main teri gaura,
Ardhangini ban jaungi,
Mere bhole bhandari
मेरे संग ब्याह रचा ले मेरे भोले...
Mere sang byah racha le mere bhole...
जब भोले तुम्हें प्यास लगेगी,
मटकी भर जल लाऊंगी,
मेरे भोले भंडारी॥
Jab bhole tumhen pyas lagegi,
Matki bhar jal laungi,
Mere bhole bhandari
मेरे संग ब्याह रचा ले मेरे भोले...
Mere sang byah racha le mere bhole...
जब भोले तुम्हें भूख लगेगी,
भांग घोट के पिलाऊंगी,
मेरे भोले भंडारी॥
Jab bhole tumhen bhukh lagegi,
Bhang ghot ke pilaungi,
Mere bhole bhandari
मेरे संग ब्याह रचा ले मेरे भोले...
Mere sang byah racha le mere bhole...
जब भोले तुम ध्यान करोगे,
नंदी को पहर बिठाऊंगी,
मेरे भोले भंडारी॥
Jab bhole tum dhyan karoge,
Nandi ko pahar bithaungi,
Mere bhole bhandari
मेरे संग ब्याह रचा ले मेरे भोले....
Mere sang byah racha le mere bhole....
जब मेरे भोले तुम डमरू बजाओगे,
नाच-नाच के दिखाऊंगी,
मेरे भोले भंडारी॥
Jab mere bhole tum damru bajaoge,
Nach-nach ke dikhaungi,
Mere bhole bhandari
मेरे संग ब्याह रचा ले मेरे भोले...
Mere sang byah racha le mere bhole...
मान करूंगी, तेरा ध्यान धरूंगी,
रस्में सारी निभाऊंगी,
मेरे भोले भंडारी॥
Man karungi, tera dhyan dharungi,
Rasmen sari nibhaungi,
Mere bhole bhandari
मेरे संग ब्याह रचा ले मेरे भोले,
सातों वचन निभाऊंगी,
मेरे भोले भंडारी॥
Mere sang byah racha le mere bhole,
Saton vachan nibhaungi,
Mere bhole bhandari
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