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सब देवों ने फूल बरसाए, महाराज गजानन आए | Sab Devo Ne Phool Barsaye Lyrics
गणेश भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 9 सितंबर 2023
भजन का अर्थ
यह भजन गणपति जी के आगमन पर सभी देवताओं द्वारा फूल बरसाए जाने के उत्सवी दृश्य से शुरू होता है। भजन में प्रश्नोत्तर की शैली में पूछा गया है कि गजानन की माता कौन हैं और वे किसके पुत्र कहलाते हैं — उत्तर में बताया गया है कि पार्वती मैया उनकी माता और शिव शंकर उनके पिता हैं।
इसी शैली में आगे उनकी पूजा-विधि और भोग के बारे में भी पूछा-बताया जाता है, जिससे यह भजन गणेश जी के परिचय और महिमा को सरल संवाद के रूप में प्रस्तुत करता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन गणेश चतुर्थी और गणपति स्थापना के अवसर पर गाया जाता है, विशेषकर मूर्ति-आगमन और स्वागत के समय।
बुधवार की गणेश पूजा और सामूहिक गणेश भजन-कीर्तन में भी इसे भक्त उत्साहपूर्वक गाते हैं।
भजन के बोल
सब देवो ने फूल बरसाये
Sab devo ne phul barsaye
महाराज गजानन आए.....
Maharaj gajanan ae.....
देव कौन तुम्हारी माता है,
Dev kaun tumhari mata hai,
और किसके लाल कहाये , महाराज गजानन आए.....
Aur kiske lal kahaye , maharaj gajanan ae.....
है पार्वती मैया तुम्हारी,
Hai parvati maiya tumhari,
शिव शंकर के लाल कहाये, महाराज गजानन आए.....
Shiv shankar ke lal kahaye, maharaj gajanan ae.....
प्रभु क्या है तुम्हारी पूजा,
Prabhu kya hai tumhari puja,
और काहे के भोग लगायें, महाराज गजानन आए.....
Aur kahe ke bhog lagayen, maharaj gajanan ae.....
प्रथम है पूजा हमारी और,
Pratham hai puja hamari aur,
लड्डूवन के भोग लगायें, महाराज गजानन आए.....
Ladduvan ke bhog lagayen, maharaj gajanan ae.....
प्रभु क्या है तुम्हारी सवारी,
Prabhu kya hai tumhari savari,
और किसके फेरे लगायें,महाराज गजानन आए.....
Aur kiske phere lagayen,maharaj gajanan ae.....
मुश्क हमारी सवारी है,
Mushk hamari savari hai,
पिता माता के फेरे लगायें,महाराज गजानन आए.....
Pita mata ke phere lagayen,maharaj gajanan ae.....
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए




