"गीत की धुन को समझने के लिए, वीडियो जरूर देखें।"
हरी हरी दूब चढ़ाऊँ कैसे, मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे | Hari Hari Duba Chadhaun Kaise Lyrics
गणेश भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 8 सितंबर 2024
भजन का अर्थ
यह भजन भगवान गणेश के प्रति एक भक्त के प्रेम, अपनापन और सरल भक्ति को व्यक्त करता है। भक्त हरी-हरी दूब चढ़ाकर अपने प्रिय गजानन को प्रसन्न करना चाहता है और प्रेमपूर्वक पूछता है कि अपने रूठे हुए गणेश जी को कैसे मनाए।
भजन के हर अंतरे में गणेश जी के विशाल और दिव्य स्वरूप का सुंदर व प्रेमपूर्ण वर्णन है। उनके बड़े शीश के लिए मुकुट, बड़े गले के लिए हार, बड़े हाथों के लिए कंगन और बड़े चरणों के लिए पायल चढ़ाने की बात भक्त की सरल कल्पना और स्नेह को दर्शाती है।
अंत में गणेश जी के विशाल उदर का उल्लेख करते हुए भक्त प्रेम से लड्डुओं का भोग लगाने की बात करता है। इस प्रकार पूरा भजन पूजा की औपचारिकता से अधिक भक्त और भगवान के बीच के आत्मीय, चंचल और प्रेमपूर्ण संबंध को दर्शाता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन मुख्य रूप से गणेश चतुर्थी, गणपति स्थापना और गणेश पूजा के अवसर पर गाया जाता है। घरों और पंडालों में गणेश जी के श्रृंगार, भोग और भजन-कीर्तन के समय इसके बोल विशेष रूप से भावपूर्ण लगते हैं।
बुधवार को गणेश पूजा तथा किसी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले होने वाले गणपति पूजन में भी इसे गाया जा सकता है। यह भजन भक्त के मन में प्रेम और अपनापन जगाते हुए गजानन से प्रसन्नता और कृपा की प्रार्थना करता है।
इससे जुड़ी मान्यता
गणेश जी की पूजा में दूर्वा (दूब) चढ़ाने की विशेष परंपरा है और उन्हें मोदक तथा लड्डू का भोग भी प्रिय माना जाता है। इसी कारण इस भजन में हरी-हरी दूब और लड्डुओं का उल्लेख विशेष महत्व रखता है।
गणेश जी के बड़े मस्तक को बुद्धि और विवेक का प्रतीक माना जाता है, जबकि उनका विशाल उदर संसार के विविध अनुभवों और सभी प्रकार की परिस्थितियों को समाहित करने की क्षमता का प्रतीक माना जाता है। इस भजन में उनके विशाल स्वरूप का वर्णन भक्तिभाव और स्नेहपूर्ण कल्पना के रूप में किया गया है।
भजन के बोल
हरी हरी दूब चढ़ाऊँ कैसे ,
Hari hari dub chadhaun kaise ,
मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे || --(2)
Mera rutha gajanan manaun kaise || --(2)
शीश तुम्हारा बड़ा है गजानन,
Shish tumhara bada hai gajanan,
बडे बडे मुकुट पहनाऊँ कैसे ,
Bade bade mukut pahnaun kaise ,
मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
Mera rutha gajanan manaun kaise ||
गला तुम्हारा बड़ा है गजानन,
Gala tumhara bada hai gajanan,
बडे बडे हार पहनाऊँ कैसे,
Bade bade har pahnaun kaise,
मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
Mera rutha gajanan manaun kaise ||
हाथ तुम्हारे बड़े है गजानन,
Hath tumhare bade hai gajanan,
बडे बडे कंगन पहनाऊँ कैसे,
Bade bade kangan pahnaun kaise,
मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
Mera rutha gajanan manaun kaise ||
पैर तुम्हारे बड़े है गजानन,
Pair tumhare bade hai gajanan,
बड़ी-बडी पायल पहनाऊँ कैसे,
Badi-badi payal pahnaun kaise,
मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
Mera rutha gajanan manaun kaise ||
उदर तुम्हारा बड़ा है गजानन,
Udar tumhara bada hai gajanan,
सेवा में लड्डु खिलाऊँ कैसे,
Seva men laddu khilaun kaise,
मेरा रूठा गजानन मनाऊं कैसे ||
Mera rutha gajanan manaun kaise ||
दिल दबाकर अपना समर्थन दिखाइए



