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पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया Pawan uda kar le gayi meri maa ki chunriya lyrics
माता भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 6 नवंबर 2023
भजन का अर्थ
यह भजन एक काव्यात्मक कल्पना पर आधारित है, जिसमें माँ की चुनरिया हवा में उड़कर कैलाश पहुँचती है और गौरा जी के मन को भा जाती है। आगे यह चुनरिया अयोध्या पहुँचती है जहाँ माता सीता को भी भा जाती है।
इस तरह भजन विभिन्न देवी-रूपों — गौरा, सीता आदि — को एक ही "माँ" के रूप में जोड़ते हुए यह भाव दर्शाता है कि माँ की चुनरिया (श्रद्धा का प्रतीक) हर दिव्य स्थान पर पूजनीय है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन नवरात्रि और देवी भजन-कीर्तन में गाया जाता है, विशेषकर जब माँ की चुनरी चढ़ाने या चुनरी यात्रा जैसे आयोजनों में भक्त भाग लेते हैं।
घरेलू माता पूजा में भी इसे भक्त सरल और मधुर भाव से गाते हैं।
भजन के बोल
पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया
Pavan uda ke le gayi re meri maa ki chunriya
उड़के चुनरिया कैलाश पे पहुची
Udke chunriya kailash pe pahuchi
गौराजी के मन को भा गयी रे
Gauraji ke man ko bha gayi re
मेरी माँ की चुनरिया
Meri maa ki chunriya
पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया
Pavan uda ke le gayi re meri maa ki chunriya
उड़के चुनरिया अयोध्या में पहुची
Udke chunriya ayodhya men pahuchi
माता सीता के मन को भा गयी रे
Mata sita ke man ko bha gayi re
मेरी माँ की चुनरिया
Meri maa ki chunriya
पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया
Pavan uda ke le gayi re meri maa ki chunriya
उड़के चुनरिया गोकुल में पहुची
Udke chunriya gokul men pahuchi
राधा के मन को भा गयी रे
Radha ke man ko bha gayi re
मेरी माँ की चुनरिया
Meri maa ki chunriya
पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया
Pavan uda ke le gayi re meri maa ki chunriya
उड़के चुनरिया सत्संग में पहुची
Udke chunriya satsang men pahuchi
भक्तो के मन को भा गयी रे
Bhakto ke man ko bha gayi re
मेरी माँ की चुनरिया
Meri maa ki chunriya
पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया
Pavan uda ke le gayi re meri maa ki chunriya
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