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कोठे ऊपर कोठडी मैया का भवन सजा दूंगी Kothe Upar Kothari maiya Ka Bhawan Saja Dungi Bhajan Lyrics
माता भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 8 अक्टूबर 2023
भजन का अर्थ
यह भजन भक्त की उस भावना को दर्शाता है जिसमें वह माँ के लिए ऊँचे कोठे पर एक सुंदर भवन सजाने का वचन देता है। भक्त कहता है कि यदि माँ तिलक माँगे तो वह बिंदिया भी लगाएगा, और यदि माँ पहनकर निकलें तो वह जयकारा भी लगवाएगा।
आगे कुंडल और नथनी पहनाने का भी वर्णन है — यह भजन माँ के श्रृंगार और सेवा में भक्त के समर्पण भाव को सरल शब्दों में व्यक्त करता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन नवरात्रि, देवी जागरण और माता के भजन-कीर्तन में गाया जाता है, विशेषकर जब भक्त माँ की मूर्ति या झांकी का श्रृंगार करते हैं।
घरेलू माता पूजा में भी इसे भक्त श्रद्धा और उत्साह के साथ गाते हैं।
भजन के बोल
कोठे ऊपर कोठडी मैया का भवन सजा दूंगी ||
Kothe upar kothadi maiya ka bhavan saja dungi ||
जो मेरी मैया टिका माँगे बिंदिया और लगा दूंगी ....
Jo meri maiya tika mange bindiya aur laga dungi ....
जो मेरी मैया पेहन के निकलै जयकारा लगवा दूंगी ||
Jo meri maiya pehan ke niklai jaykara lagva dungi ||
कोठे ऊपर कोठडी मैया का भवन सजा दूंगी
Kothe upar kothadi maiya ka bhavan saja dungi
जो मेरी मैया कुंडल माँगे नथनी भी पेहना दूंगी ....
Jo meri maiya kundal mange nathani bhi pehna dungi ....
जो मेरी मैया पेहन के निकलै जयकारा लगवा दूंगी ||
Jo meri maiya pehan ke niklai jaykara lagva dungi ||
कोठे ऊपर कोठडी मैया का भवन सजा दूंगी
Kothe upar kothadi maiya ka bhavan saja dungi
जो मेरी मैया लाकेट माँगे माला भी पेहना दूंगी ....
Jo meri maiya laket mange mala bhi pehna dungi ....
जो मेरी मैया पेहन के निकलै जयकारा लगवा दूंगी ||
Jo meri maiya pehan ke niklai jaykara lagva dungi ||
कोठे ऊपर कोठडी मैया का भवन सजा दूंगी
Kothe upar kothadi maiya ka bhavan saja dungi
जो मेरी मैया चूड़ी माँगे मेहंदी भी लगवा दूंगी ....
Jo meri maiya chudi mange mehandi bhi lagva dungi ....
जो मेरी मैया पेहन के निकलै जयकारा लगवा दूंगी ||
Jo meri maiya pehan ke niklai jaykara lagva dungi ||
कोठे ऊपर कोठडी मैया का भवन सजा दूंगी
Kothe upar kothadi maiya ka bhavan saja dungi
जो मेरी मैया लहंगा माँगे चुनरी भी ओढा दूंगी ....
Jo meri maiya lahanga mange chunri bhi odha dungi ....
जो मेरी मैया पेहन के निकलै जयकारा लगवा दूंगी ||
Jo meri maiya pehan ke niklai jaykara lagva dungi ||
कोठे ऊपर कोठडी मैया का भवन सजा दूंगी
Kothe upar kothadi maiya ka bhavan saja dungi
जो मेरी मैया पायल माँगे बिछुवे भी मंगा दूंगी ....
Jo meri maiya payal mange bichhuve bhi manga dungi ....
जो मेरी मैया पेहन के निकलै जयकारा लगवा दूंगी ||
Jo meri maiya pehan ke niklai jaykara lagva dungi ||
कोठे ऊपर कोठडी मैया का भवन सजा दूंगी
Kothe upar kothadi maiya ka bhavan saja dungi
जो मेरी मैया हलवा मांगे पूरी भी बनवा दूंगी ....
Jo meri maiya halva mange puri bhi banva dungi ....
जो मेरी मैया भोग लगाये जयकारा लगवा दूंगी ||
Jo meri maiya bhog lagaye jaykara lagva dungi ||
कोठे ऊपर कोठडी मैया का भवन सजा दूंगी
Kothe upar kothadi maiya ka bhavan saja dungi
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