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Chunariya Maa ki Reshami Koi Gota Lagao Re | चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगादो रे |
माता भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 1 दिसंबर 2023
भजन का अर्थ
यह भजन माँ की रेशमी चुनरिया में गोटा लगाने और उनके आगमन पर जयकारा लगाने के भाव को दर्शाता है। भक्त गंगाजल से चरण धुलाने और दीया-बाती की थाली सजाने की तैयारी करता है, मानो माँ साक्षात पधारने वाली हों।
यह भजन माँ के स्वागत में की जाने वाली पारंपरिक तैयारियों — चुनरी, आरती, चरण-पूजा — को सरल शब्दों में पिरोता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन नवरात्रि में माँ की स्थापना या आगमन के समय गाया जाता है, विशेषकर जब भक्त माँ की चुनरी सजाकर स्वागत की तैयारी करते हैं।
देवी मंदिरों की आरती और घरेलू माता पूजा में भी इसे भक्त श्रद्धा से गाते हैं।
भजन के बोल
चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगादो रे............
Chunriya maa ki reshami koi gota lagado re............
चुनरिया माँ की रेशमी कोई गोटा लगादो रे |
Chunriya maa ki reshami koi gota lagado re |
मैया रानी आ गई जयकारा लगादो रे............
Maiya rani a gai jaykara lagado re............
हाथो में लोटा गंगा जल पानी |
Hatho men lota ganga jal pani |
मैया रानी आ गई सब चरण धूलाओ रे............
Maiya rani a gai sab charan dhulao re............
हाथ में थाली दीया और बाती |
Hath men thali diya aur bati |
मैया रानी आ गई सब ज्योत जलाओ रे............
Maiya rani a gai sab jyot jalao re............
हाथ में थाली केसर और रोली |
Hath men thali kesar aur roli |
मैया रानी आ गई कोई तिलक लगाओ रे............
Maiya rani a gai koi tilak lagao re............
हाथ में थाली फूलों वाली |
Hath men thali phulon vali |
मैया रानी आ गई कोई हार पहनावो रे............
Maiya rani a gai koi har pahnavo re............
हाथ में थाली थाली में चुनरी |
Hath men thali thali men chunri |
मैया रानी आ गई सब चुनरी चढ़ाओ रे............
Maiya rani a gai sab chunri chadhao re............
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