बजरंगबली हनुमान मैं आऊ तेरे मंदिर में Bajrangbali Hanuman Me Aau Tere Mandir Mein
भजन का अर्थयह भजन बजरंगबली हनुमान के मंदिर में जाने और उन्हें अपनी श्रद्धा अर्पित करने के भक्त के संकल्प को दर्शाता है। भक्त कहता है… पूरा अर्थ पढ़ें →
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 30 दिसंबर 2023
भजन के बोल
बजरंगबली हनुमान मैं आऊ तेरे मंदिर में,
Bajrangbali hanuman main au tere mandir men,
मैं आऊ तेरे मंदिर में, मैं आऊ तेरे मंदिर में ||
Main au tere mandir men, main au tere mandir men ||
बजरंगबली हनुमान मैं आऊ तेरे मंदिर में ||
Bajrangbali hanuman main au tere mandir men ||
कोई चढ़ाये केसर रोली,
Koi chadhaye kesar roli,
में चढ़ाऊ सिन्दूर लाल, हनुमान तेरे मंदिर में ||
Men chadhau sindur lal, hanuman tere mandir men ||
बजरंगबली हनुमान मैं आऊ तेरे मंदिर में ||
Bajrangbali hanuman main au tere mandir men ||
कोई चढ़ाये पिला पीताम्बर,
Koi chadhaye pila pitambar,
में चढ़ाऊ चोला लाल, हनुमान तेरे मंदिर में ||
Men chadhau chola lal, hanuman tere mandir men ||
बजरंगबली हनुमान मैं आऊ तेरे मंदिर में ||
Bajrangbali hanuman main au tere mandir men ||
कोई चढ़ाए पेड़ा बर्फी,
Koi chadhae peda barphi,
में चढ़ाऊ लड्डू लाल, हनुमान तेरे मंदिर में ||
Men chadhau laddu lal, hanuman tere mandir men ||
बजरंगबली हनुमान मैं आऊ तेरे मंदिर में ||
Bajrangbali hanuman main au tere mandir men ||
कोई सुनाए गीता रामायण,
Koi sunae gita ramayan,
में सुनाऊं सुंदर कांड, हनुमान तेरे मंदिर में ||
Men sunaun sundar kand, hanuman tere mandir men ||
बजरंगबली हनुमान मैं आऊ तेरे मंदिर में ||
Bajrangbali hanuman main au tere mandir men ||
बजरंगबली हनुमान मैं आऊ तेरे मंदिर में,
Bajrangbali hanuman main au tere mandir men,
मैं आऊ तेरे मंदिर में, मैं आऊ तेरे मंदिर में ||
Main au tere mandir men, main au tere mandir men ||
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भजन का अर्थ
यह भजन बजरंगबली हनुमान के मंदिर में जाने और उन्हें अपनी श्रद्धा अर्पित करने के भक्त के संकल्प को दर्शाता है। भक्त कहता है कि जहाँ कोई केसर-रोली चढ़ाता है, वहाँ वह सिंदूर और लाल चोला चढ़ाएगा — यानी अपनी सामर्थ्य और श्रद्धा अनुसार हनुमान जी की सेवा करने की भावना।
यह भजन हनुमान जी के प्रति सरल, व्यक्तिगत भक्ति-भाव को दर्शाता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन मंगलवार और शनिवार को हनुमान मंदिरों की पूजा-आरती में गाया जाता है, विशेषकर जब भक्त सिंदूर और चोला चढ़ाने जाते हैं।
हनुमान जयंती पर भी इसे भक्त श्रद्धा और उत्साह के साथ गाते हैं।
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