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बैकुंठ बसैया गिरधारी क्यू आना जाना भूल गए | Vaikunth basaiya girdhari kyu aana jana bhul gaye lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 4 दिसंबर 2023
भजन का अर्थ
यह भजन वैकुंठवासी गिरधारी (कृष्ण) से यह उलाहना भरी विनती करता है कि वे धरती पर आना-जाना क्यों भूल गए। भक्त कहता है कि माँ यशोदा रो-रोकर उन्हें पुकार रही हैं और गैया (गायें) भी उनकी प्रतीक्षा में व्याकुल हैं।
यह भजन कृष्ण के वियोग में भक्त की तड़प और उन्हें पुनः धरती पर लीला रचाने के लिए बुलाने की भावुक पुकार को व्यक्त करता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन जन्माष्टमी और कृष्ण भजन-कीर्तन में गाया जाता है, विशेषकर जब भक्त कृष्ण के वियोग और पुनः दर्शन की चाह को व्यक्त करना चाहते हैं।
कृष्ण भक्ति के जागरण और सत्संग में भी इसे भावविभोर होकर गाया जाता है।
भजन के बोल
बैकुंठ बसैया गिरधारी क्यू आना जाना भूल गए |
Baikunth basaiya giradhari kyu ana jana bhul gae |
बैकुंठ बसैया गिरधारी क्यू आना जाना भूल गए |
Baikunth basaiya giradhari kyu ana jana bhul gae |
ये मैया तुम्हें पुकार रही, रो रो के रूदन मचाय रही.........
Ye maiya tumhen pukar rahi, ro ro ke rudan machay rahi.........
आकार के लाड लडा जाओ , क्यू आना जाना भूल गए |
Akar ke lad lada jao , kyu ana jana bhul gae |
ये गैया तुम्हें पुकार रही, रो रो के रूदन मचाय रही.........
Ye gaiya tumhen pukar rahi, ro ro ke rudan machay rahi.........
आकार के घास खिला जाओ , क्यू आना जाना भूल गए |
Akar ke ghas khila jao , kyu ana jana bhul gae |
ये ग्वाले तुम्हें पुकार रहे, रो रो के रूदन मचाय रहे.........
Ye gvale tumhen pukar rahe, ro ro ke rudan machay rahe.........
आकार के खेल खिला जाओ , क्यू आना जाना भूल गए |
Akar ke khel khila jao , kyu ana jana bhul gae |
ये सखिया तुम्हें पुकार रही, रो रो के रूदन मचाय रही.........
Ye sakhiya tumhen pukar rahi, ro ro ke rudan machay rahi.........
आकार के रास रचा जाओ , क्यू आना जाना भूल गए |
Akar ke ras racha jao , kyu ana jana bhul gae |
ये भक्तन तुम्हें पुकार रही, गा गा के भजन सुनाए रही.........
Ye bhaktan tumhen pukar rahi, ga ga ke bhajan sunae rahi.........
आकार के दरस दिखा जाओ , क्यू आना जाना भूल गए |
Akar ke daras dikha jao , kyu ana jana bhul gae |
बैकुंठ बसैया गिरधारी क्यू आना जाना भूल गए |.............
Baikunth basaiya giradhari kyu ana jana bhul gae |.............
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