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उठा दो मेरी मटकी, ओ बंसी वाले | Utha Do Meri Matki O Bansi Wale Krishna Bhajan Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 27 अगस्त 2024
भजन का अर्थ
इस भजन में एक गोपी प्रेमपूर्ण उलाहने के साथ कृष्ण से पूछती है कि उन्होंने औरों की मटकी उठाई, गैया चराई, माखन खाया और चूनर ओढ़ाई - फिर उसकी बारी क्यों नहीं आई।
यह भजन भक्त और भगवान के बीच के आत्मीय, सखा-भाव वाले प्रेम-संबंध को मार्मिक ढंग से दर्शाता है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन जन्माष्टमी और रासलीला जैसे कृष्ण-भक्ति उत्सवों में गाया जाता है।
भजन के बोल
उठा दो मेरी मटकी, ओ बंसी वाले.......
Utha do meri matki, o bansi vale.......
उठा दो मेरी मटकी, ओ बंसी वाले.......
Utha do meri matki, o bansi vale.......
ओ बंसी वाले, ओ मुरली वाले (2)
O bansi vale, o murli vale (2)
औरो की तूने मटकी उठाई....... (2)
Auro ki tune matki uthai....... (2)
हमारी काहे पटकी,ओ बंसी वाले........
Hamari kahe patki,o bansi vale........
उठा दो मेरी मटकी ओ बंसी वाले ||
Utha do meri matki o bansi vale ||
औरो की तूने गैया चराई ...... (2)
Auro ki tune gaiya charai ...... (2)
मेरी कहे भटकी,ओ बंसी वाले ........
Meri kahe bhatki,o bansi vale ........
उठा दो मेरी मटकी ओ बंसी वाले ||
Utha do meri matki o bansi vale ||
औरो का तूने माखन खाया...... (2)
Auro ka tune makhan khaya...... (2)
मेरी मटकी छीके लटकी........
Meri matki chhike latki........
उठा दो मेरी मटकी ओ बंसी वाले ||
Utha do meri matki o bansi vale ||
औरो को तूने चूनर ओढ़ायी..... (2)
Auro ko tune chunar odhayi..... (2)
मेरी चूनर झड़ी अटकी ओ बंसी वाले.......
Meri chunar jhadi atki o bansi vale.......
उठा दो मेरी मटकी ओ बंसी वाले ||
Utha do meri matki o bansi vale ||
औरो की नैया पार लगाई ..... (2)
Auro ki naiya par lagai ..... (2)
मेरी क्यू भवर अटकी ओ बंसी वाले ........
Meri kyu bhavar atki o bansi vale ........
उठा दो मेरी मटकी ओ बंसी वाले ||
Utha do meri matki o bansi vale ||
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