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श्याम चूड़ी बेचने आया Lyrics | Shyam Chudi Bechne Aaya | Radha Krishna Bhajan
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 15 अगस्त 2026
भजन का अर्थ
यह भजन किसे समर्पित है और मुख्य भाव क्या है
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की प्रेममयी लीलाओं को समर्पित है। इसमें कृष्ण के मनिहारी का रूप धारण कर राधा को चूड़ियाँ पहनाने की मनोरंजक और भक्तिमय लीला का वर्णन है।
भजन की पंक्तियों का मतलब
श्याम मनिहारी का भेस बनाकर चूड़ियाँ बेचने गलियों में आते हैं।
राधा को जब इस बात का पता चलता है, तो वे ललिता के माध्यम से कृष्ण को बुलाती हैं।
राधा कहती हैं कि उन्हें लाल या हरी चूड़ियाँ नहीं, बल्कि श्याम रंग ही प्रिय है।
कृष्ण स्वयं राधा को चूड़ियाँ पहनाते हैं और दोनों के बीच प्रेमपूर्ण संवाद होता है।
पूरे भजन में राधा-कृष्ण की मधुर, चंचल और प्रेममयी लीला को सरल रूप में प्रस्तुत किया गया है।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन राधा-कृष्ण की भक्ति, सत्संग और भजन-कीर्तन के अवसरों पर गाया जाता है।
राधाष्टमी, जन्माष्टमी और ब्रज की कृष्ण-लीला से जुड़े धार्मिक आयोजनों में ऐसे भजनों का विशेष महत्व है।
इसे राधा-कृष्ण के प्रेम और उनकी मधुर लीलाओं के स्मरण के भाव से गाया जाता है।
भजन के बोल
मनिहारी का भेस बनाया,
श्याम चूड़ी बेचने आया।
छलिया का भेस बनाया,
श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Manihari ka bhes banaya,
Shyam chudi bechane aya
Chhaliya ka bhes banaya,
Shyam chudi bechane aya
झोली कंधे धरी, उसमें चूड़ी भरी,
गलियों में शोर मचाया।
श्याम चूड़ी बेचने आया,
छलिया का भेस बनाया,
श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Jholi kandhe dhari, usmen chudi bhari,
Galiyon men shor machaya
Shyam chudi bechane aya,
Chhaliya ka bhes banaya,
Shyam chudi bechane aya
राधा ने सुनी, ललिता से कही,
राधा ने सुनी, ललिता से कही।
मोहन को तुरंत बुलाया,
श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Radha ne suni, lalita se kahi,
Radha ne suni, lalita se kahi
Mohan ko turant bulaya,
Shyam chudi bechane aya
चूड़ी लाल नहीं पहनूँ,
चूड़ी हरी नहीं पहनूँ।
मुझे श्याम रंग है भाया,
श्याम चूड़ी बेचने आया।
छलिया का भेस बनाया,
श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Chudi lal nahin pahnun,
Chudi hari nahin pahnun
Mujhe shyam rang hai bhaya,
Shyam chudi bechane aya
Chhaliya ka bhes banaya,
Shyam chudi bechane aya
राधा पहनने लगी,
श्याम पहनाने लगे।
राधा ने हाथ बढ़ाया,
श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Radha pahnane lagi,
Shyam pahnane lage
Radha ne hath badhaya,
Shyam chudi bechane aya
राधा कहने लगी,
तुम हो छलिया बड़े।
धीरे से हाथ दबाया,
श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Radha kahne lagi,
Tum ho chhaliya bade
Dhire se hath dabaya,
Shyam chudi bechane aya
मनिहारी का भेस बनाया,
श्याम चूड़ी बेचने आया।
छलिया का भेस बनाया,
श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Manihari ka bhes banaya,
Shyam chudi bechane aya
Chhaliya ka bhes banaya,
Shyam chudi bechane aya
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