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सारी दुनिया में आनंद छायो, कान्हा को जन्मदिन आयो भजन लिरिक्स | Sari Duniya Me Anand Chayo Kanha Ko Janamdin Aayo Lyrics
कृष्ण भजन
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 22 अगस्त 2026
भजन का अर्थ
यह सुंदर कृष्ण जन्माष्टमी भजन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी और आनंद को समर्पित है। इसमें मथुरा में श्रीकृष्ण के जन्म, वसुदेव जी द्वारा उन्हें गोकुल पहुंचाने और नंद महल में हुए उत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया गया है।
भजन की शुरुआत में श्रीकृष्ण के जन्म से पूरी दुनिया में छाए आनंद का वर्णन है। भाद्रपद की अंधेरी रात में मथुरा में मुरारी के जन्म और माता देवकी-पिता वसुदेव के दर्शन पाने की बात कही गई है। आगे वसुदेव जी द्वारा बाल कृष्ण को लेकर यमुना पार करके गोकुल पहुंचने और नंद महल में पहुंचाने का प्रसंग आता है। यमुना जी द्वारा श्रीकृष्ण के चरण पखारने का भाव उनकी दिव्यता को दर्शाता है। अंतिम भाग में लड्डू-पेड़े बांटने, खेल-खिलौनों और झूले-पालने के साथ कान्हा के जन्म की खुशियां मनाई जाती हैं।
यह भजन कब और क्यों गाया जाता है
यह भजन मुख्य रूप से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर गाया जाता है। कान्हा के जन्मोत्सव, झांकी, मंदिरों में होने वाले कीर्तन और कृष्ण जन्म की मध्यरात्रि पूजा के दौरान इसे विशेष रूप से गाया जा सकता है। बाल गोपाल के जन्म की खुशी मनाने और भक्तिमय वातावरण बनाने के लिए भी यह भजन अत्यंत उपयुक्त है।
इससे जुड़ी मान्यता
हिंदू मान्यता के अनुसार भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में कारागार के भीतर हुआ था। कंस के भय से वसुदेव जी नवजात श्रीकृष्ण को लेकर यमुना पार करके गोकुल पहुंचे और उन्हें नंद बाबा तथा माता यशोदा के पास सुरक्षित पहुंचाया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इसी दिव्य जन्म कथा और कान्हा के आगमन की खुशी को भजन, कीर्तन और झांकियों के माध्यम से मनाया जाता है।
भजन के बोल
सारी दुनिया में आनंद छायो,
कान्हा को जन्मदिन आयो ॥
Sari duniya men anand chhayo,
Kanha ko janmadin ayo
आई भादो की रेन कारी कारी -- (2)
मथुरा में है जन्मे मुरारी -- (2)
वसुदेव देवकी ने दर्श पायो
कान्हा को जन्मदिन आयो
सारी दुनियाँ में आनंद छायो
कान्हा को जन्मदिन आयो ॥
Ai bhado ki ren kari kari -- (2)
Mathura men hai janme murari -- (2)
Vasudev devki ne darsh payo
Kanha ko janmadin ayo
Sari duniyan men anand chhayo
Kanha ko janmadin ayo
चले लेके वसुदेव गोकुल में -- (2)
कान्हा पहुंचाए नन्द महल में -- (2)
यमुना ने श्री चरण पखारयो -- (2)
कान्हा को जन्मदिन आयो
सारी दुनियाँ में आनंद छायो
कान्हा को जन्मदिन आयो ॥
Chale leke vasudev gokul men -- (2)
Kanha pahunchae nand mahal men -- (2)
Yamuna ne shri charan pakharyo -- (2)
Kanha ko janmadin ayo
Sari duniyan men anand chhayo
Kanha ko janmadin ayo
लड्डू पेड़ा बंटे खेल खिलौना -- (2)
झूले पलना में श्याम सलोना -- (2)
‘चित्र-विचित्र’ को भी बुलवायो -- (2)
कान्हा को जन्मदिन आयो
सारी दुनियाँ में आनंद छायो
कान्हा को जन्मदिन आयो ॥
Laddu peda bante khel khilauna -- (2)
Jhule palna men shyam salona -- (2)
‘Chitr-vichitr’ ko bhi bulvayo -- (2)
Kanha ko janmadin ayo
Sari duniyan men anand chhayo
Kanha ko janmadin ayo
सारी दुनिया में आनंद छायो,
कान्हा को जन्मदिन आयो ॥
Sari duniya men anand chhayo,
Kanha ko janmadin ayo
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