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तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो | Teri Payal Ki Meethi Awaj Banni
बन्ना बन्नी गीत
संकलित एवं सत्यापित: Gunjan Upadhyay — भजन लेख टीम
जोड़ा गया: 10 नवंबर 2024
गीत का अर्थ
यह विवाह गीत नई दुल्हन को ससुराल में सास-ससुर, जेठ-जेठानी और आस-पड़ोस से मिल-जुलकर रहने की सीख देता है, जिससे उसे माँ, भाभी और सखियों जैसा ही प्रेम प्राप्त होगा।
यह गीत कब और क्यों गाया जाता है
यह गीत विदाई के समय गाया जाता है, जब घर की बड़ी-बुजुर्ग महिलाएँ नई बहू को नए घर में स्नेह और सम्मान पाने का आशीर्वाद देती हैं।
गीत के बोल
तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो...........
Teri payal ki mithi avaj banni jara dhire chalo...........
तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो...........
Teri payal ki mithi avaj banni jara dhire chalo...........
सास ससुर से मिलकर रहना, सास ससुर से मिलकर रहना।
Sas sasur se milkar rahna, sas sasur se milkar rahna
पाओगी मां जैसा प्यार बन्नी जरा धीरे चलो...........
Paogi maa jaisa pyar banni jara dhire chalo...........
तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो.........
Teri payal ki mithi avaj banni jara dhire chalo.........
जेठ जेठानी से मिलकर रहना , जेठ जेठानी से मिलकर रहना ।
Jeth jethani se milkar rahna , jeth jethani se milkar rahna
पाओगी भाभी जैसा प्यार बन्नी जरा धीरे चलो। ...........
Paogi bhabhi jaisa pyar banni jara dhire chalo ...........
तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो...........
Teri payal ki mithi avaj banni jara dhire chalo...........
आस-पड़ोस से मिलकर रहना, आस-पड़ोस से मिलकर रहना।
As-pados se milkar rahna, as-pados se milkar rahna
पाओगी सखियों जैसा प्यार, बन्नी जरा धीरे चलो...........
Paogi sakhiyon jaisa pyar, banni jara dhire chalo...........
तेरी पायल की मीठी आवाज बन्नी जरा धीरे चलो...........
Teri payal ki mithi avaj banni jara dhire chalo...........
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